टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाला मुकाबला अब नहीं खेला जाएगा। पाकिस्तान सरकार ने रविवार देर शाम भारत के खिलाफ मैच का बॉयकॉट करने का आधिकारिक ऐलान कर दिया। दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला 15 फरवरी को कोलंबो में होना था।
पाकिस्तान के इस फैसले के बाद क्रिकेट जगत में हलचल मच गई है। सवाल उठ रहे हैं कि पाकिस्तान ने यह कदम क्यों उठाया, ICC इस पर क्या कार्रवाई कर सकता है और अगर मैच नहीं हुआ तो इसका नुकसान किसे होगा।
पाकिस्तान ने यह फैसला बांग्लादेश के समर्थन में लिया है। दरअसल, बांग्लादेश ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए भारत में टी-20 वर्ल्ड कप के मैच खेलने से इनकार कर दिया था। इसके बाद 21 जनवरी को हुई ICC बोर्ड मीटिंग में बांग्लादेश के मैच भारत के बाहर कराने को लेकर वोटिंग हुई, जिसमें 14 देशों ने बांग्लादेश के खिलाफ मतदान किया।
इस वोटिंग में सिर्फ पाकिस्तान ही बांग्लादेश के समर्थन में खड़ा रहा।
इसके बाद 24 जनवरी को ICC ने बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर कर उसकी जगह स्कॉटलैंड को शामिल कर लिया।
बांग्लादेश के बाहर होने पर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चेयरमैन मोहसिन नकवी ने ICC पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि बांग्लादेश के साथ नाइंसाफी हुई है। पाकिस्तानी मीडिया में तभी से खबरें चलने लगी थीं कि अगर बांग्लादेश को बाहर किया गया तो पाकिस्तान भी कोई बड़ा फैसला ले सकता है।
25 जनवरी को पाकिस्तान ने टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए अपनी टीम का ऐलान कर दिया था, जिसमें बाबर आजम, शादाब खान और नसीम शाह जैसे सीनियर खिलाड़ी शामिल थे। इससे साफ था कि पाकिस्तान पूरा टूर्नामेंट छोड़ने के मूड में नहीं है।
26 जनवरी को PCB चेयरमैन मोहसिन नकवी ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की। इसी बैठक के बाद दो विकल्पों पर चर्चा शुरू हुई—या तो खिलाड़ी काली पट्टी पहनकर खेलें, या फिर सिर्फ भारत के खिलाफ मैच न खेलें।
आखिरकार 1 फरवरी को पाकिस्तान सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर यह साफ कर दिया कि पाकिस्तान टी-20 वर्ल्ड कप खेलेगा, लेकिन भारत के खिलाफ मैदान में नहीं उतरेगा।
पाकिस्तान के ऐलान के बाद ICC ने बयान जारी कर कहा है कि वह PCB से औपचारिक बातचीत का इंतजार कर रहा है। ICC का कहना है कि सरकारों की नीतियों का सम्मान किया जाता है, लेकिन चुनिंदा मैच खेलना या न खेलना खेल की भावना के खिलाफ है।
ICC ने यह भी साफ किया कि इस फैसले का असर पाकिस्तान क्रिकेट के साथ-साथ पूरे वर्ल्ड क्रिकेट और फैंस पर पड़ेगा।
भारत और पाकिस्तान दोनों ग्रुप-A में हैं। इस ग्रुप में कुल 5 टीमें हैं, जिनमें से टॉप-2 टीमें सुपर-8 में पहुंचेंगी। भारत-पाकिस्तान मैच नहीं होने की स्थिति में ICC के नियमों के अनुसार यह मुकाबला पाकिस्तान द्वारा ‘फॉरफिट’ माना जाएगा।
इसका मतलब साफ है—
भारत को इस मैच के पूरे 2 पॉइंट्स मिल जाएंगे, जबकि पाकिस्तान को नुकसान होगा।
इस फैसले से:
भारत का रन रेट बेहतर होगा
पाकिस्तान का रन रेट बिगड़ सकता है
भारत के लिए सुपर-8 में पहुंचना आसान हो जाएगा
हालांकि पाकिस्तान बाकी मैच जीतकर अब भी क्वालिफाई कर सकता है।
ICC के इतिहास में ऐसा कई बार हुआ है जब किसी टीम ने सुरक्षा कारणों से मैच खेलने से इनकार किया और उस मैच को फॉरफिट घोषित कर दिया गया।
1996 वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज ने श्रीलंका में खेलने से इनकार किया था।
2003 वर्ल्ड कप में इंग्लैंड और न्यूजीलैंड ने जिम्बाब्वे और केन्या में खेलने से मना किया था।
इन सभी मामलों में टीमों को पूरे टूर्नामेंट से बाहर नहीं किया गया।
हालांकि, अगर ICC इसे नियमों का उल्लंघन मानता है, तो पाकिस्तान पर अतिरिक्त प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।
अगर मामला ज्यादा बिगड़ता है तो पाकिस्तान को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
ICC से मिलने वाली सालाना करीब 290 करोड़ रुपए की कमाई रुक सकती है
पार्टिसिपेशन फीस और प्राइज मनी का नुकसान
लगभग 18 करोड़ रुपए का जुर्माना
द्विपक्षीय सीरीज और एशिया कप से बाहर होने का खतरा
पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) में विदेशी खिलाड़ियों की एंट्री पर रोक
PSL विदेशी खिलाड़ियों पर काफी हद तक निर्भर है। अगर NOC पर रोक लगी तो लीग की ब्रांड वैल्यू को बड़ा झटका लग सकता है।
भारत-पाकिस्तान मैच वर्ल्ड कप का सबसे ज्यादा देखा जाने वाला मुकाबला होता है। 2023 वर्ल्ड कप में यह मैच करीब 17 करोड़ लोगों ने देखा था।
रिपोर्ट्स के मुताबिक:
ब्रॉडकास्टर्स को करीब 300 करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान हो सकता है
भारत-पाकिस्तान मैच से वर्ल्ड कप की कुल कमाई का 8-10% हिस्सा आता है
10 सेकंड के ऐड की कीमत 25 से 40 लाख रुपए तक होती है
हालांकि ICC पहले ही मीडिया राइट्स बेच चुका है, लेकिन ब्रॉडकास्टर्स नुकसान की भरपाई की मांग कर सकते हैं।
पाकिस्तान के इस फैसले के पीछे तीन बड़े कारण माने जा रहे हैं।
पहला, भारत-पाकिस्तान के बीच लंबे समय से चल रहा राजनीतिक तनाव।
दूसरा, घरेलू राजनीति में भारत विरोध हमेशा से पाकिस्तान का अहम मुद्दा रहा है।
तीसरा, बांग्लादेश के साथ एकजुटता दिखाने की कोशिश।
पूर्व क्रिकेटर मदन लाल का कहना है कि पाकिस्तान खेल के मैदान को भी राजनीति का जरिया बना रहा है।
टी-20 वर्ल्ड कप 7 फरवरी से शुरू होने वाला है और टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही यह पूरा मामला क्रिकेट से ज्यादा राजनीति की वजह से चर्चा में आ गया है। अब सबकी नजर ICC के अगले कदम और पाकिस्तान के फैसले पर टिकी है।
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